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ऑयल टैंकर बचाया

मिसाइल बरामद

राष्ट्र दर्पण न्यूज़ – हर भारतीय की आवाज
दिनांक: 13 जून 2026

भारतीय नौसेना ने ओमान तट के पास खतरे से भरा ऑयल टैंकर बचाया, मिसाइल बरामद

भारतीय नौसेना ने एक बड़ी समुद्री दुर्घटना को टालते हुए एक ऑयल टैंकर से जिंदा मिसाइल सुरक्षित रूप से निकाल ली है, जिसने देश की सुरक्षा क्षमताओं को एक नया आयाम दिया है। रक्षा मंत्री ने बताया कि 26 मई को ओमान तट के पास एमटी ओलंपिक नाम के टैंकर पर हमला हुआ था, जो मार्शल आइलैंड का झंडा लेकर जा रहा था। टैंकर ने 2,000 किलोमीटर की दूरी तय कर कोचीन तक सफर किया, जहां भारतीय नौसेना ने संयुक्त अभियान के तहत मिसाइल का बारहेड सुरक्षित निकाल लिया।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हमले के बाद मिसाइल का बारहेड विस्फोट नहीं हुआ, बल्कि टैंकर के भारी हिस्से को छूकर ईंधन टैंक में फंस गया था। टैंकर अरब सागर में करीब 2,000 किलोमीटर की दूरी तय करके कोचीन पहुंचा, जहां 11 जून को भारतीय नौसेना ने हाई-रिस्क ऑपरेशन चलाकर मिसाइल बारहेड को निकाला। हमले में तेल रिसाव हुआ, लेकिन टैंकर ने अपना सफर जारी रखा। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक, मसकट के पास टैंकर के बाएं हिस्से में विस्फोट हुआ था, हालांकि स्प्रिंगफील्ड शिपिंग कंपनी ने बताया कि किसी अज्ञात चीज़ ने टैंकर को टक्कर मारी थी। बाद में टैंकर ने अधिकारियों को बताया कि मिसाइल बारहेड अंदर फंसी थी। इस विस्फोट से कुछ तेल भी रिसा, लेकिन टैंकर ने यात्रा जारी रखी। इस बीच, भारतीय नौसेना को भी सूचना मिली और उन्होंने बेहद सावधानी से बारहेड को हटाया। जांच में पता चला कि मिसाइल ने टैंकर के बाहरी हिस्से को चीरते हुए कई जगहों को नुकसान पहुंचाया था, और अंत में ईंधन टैंक में फंस गई थी। अगर यह बारहेड विस्फोट कर जाता, तो टैंकर, चालक दल और बंदरगाह के आसपास का इलाका गंभीर खतरे में पड़ सकता था। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि डीओडीटी टीम ने बेहद सतर्कता से कई चरणों में ऑपरेशन किया, जिसमें सभी सुरक्षा इंतजाम किए गए और विशेषज्ञों ने बारहेड को सुरक्षित तरीके से हटाया। फिलहाल, बारहेड को एक सुरक्षित स्थान पर रखकर उसकी गहन जांच की जा रही है।

इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल, जिसे ICBM कहते हैं, एक ऐसी मिसाइल है जो बेहद लंबी दूरी तक मार कर सकती है। यह एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक निशाना बना सकती है, आमतौर पर 5,500 किलोमीटर से भी ज़्यादा दूरी तक। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम होती है। यह एक रॉकेट की तरह अंतरिक्ष की ओर जाती है, फिर बहुत ऊंचाई से धरती की तरफ लौटती है, और तेज़ गति से अपने लक्ष्य पर हमला करती है। इसी वजह से इसे दुनिया के सबसे शक्तिशाली रणनीतिक हथियारों में गिना जाता है।

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