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यूपी

दोहरे गैस कनेक्शनों पर कार्रवाई

50 हजार से अधिक एलपीजी कनेक्शन हो सकते हैं निलंबित

राष्ट्र दर्पण न्यूज़

हर भारतीय की आवाज

दिनांक: 09 जून 2026
स्थान: आगरा, उत्तर प्रदेश

आगरा में 50 हजार से अधिक दोहरे गैस कनेक्शनों पर कार्रवाई की तैयारी, एलपीजी कनेक्शन हो सकते हैं निलंबित

आगरा जनपद में गैस वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देशों के अनुपालन में पूर्ति विभाग ने ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान शुरू कर दी है, जो एक साथ पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) दोनों सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में 50 हजार से अधिक ऐसे उपभोक्ताओं के चिन्हित होने की संभावना जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, आगरा जिले में 13 लाख से अधिक एलपीजी उपभोक्ता पंजीकृत हैं, जबकि 70 हजार से अधिक घरों तक पीएनजी की सुविधा पहुंच चुकी है। विभाग द्वारा आधार कार्ड के माध्यम से पीएनजी और एलपीजी उपभोक्ताओं के आंकड़ों का मिलान किया जा रहा है। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि बड़ी संख्या में लोग पीएनजी सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद एलपीजी कनेक्शन का भी उपयोग कर रहे हैं।

सरकार का मानना है कि इस प्रकार की दोहरी व्यवस्था से संसाधनों के समुचित उपयोग पर प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए संबंधित उपभोक्ताओं के एलपीजी कनेक्शनों को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह निलंबन स्थायी नहीं होगा। आवश्यकता और पात्रता के आधार पर उपभोक्ता भविष्य में अपने कनेक्शन पुनः बहाल करा सकेंगे।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य किसी को असुविधा पहुंचाना नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाना तथा गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। साथ ही नए एलपीजी कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को भी गति दी जा रही है, ताकि पात्र परिवारों को समय पर गैस सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

पीएनजी को एलपीजी की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और निर्बाध आपूर्ति वाला विकल्प माना जाता है। इसके चलते उपभोक्ताओं का रुझान लगातार पीएनजी की ओर बढ़ रहा है। विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से गैस वितरण व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित होगी तथा संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि डेटा सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कितने उपभोक्ताओं के एलपीजी कनेक्शन निलंबित किए जाते हैं और कितने परिवार स्थायी रूप से पीएनजी को अपनी प्राथमिक गैस व्यवस्था के रूप में अपनाते हैं।

— राष्ट्र दर्पण न्यूज़
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